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प्रतिष्ठा का ताज - Jagran Junction Forum

Posted On: 20 Mar, 2014 Junction Forum में

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. मोदी की लहर और ललकार से भाजपाइयों और एनडीए में जोश तो भर गया है, पर डरे भाजपा नेतृतव और नरेंद्र मोदी को जो सुरक्षित सिट की जरुरत थी वो कशी नगरी की पहचान हो गई. नरेंद्र मोदी के लिए भाजपा के दिग्गज नेता मुरली मनोहर जोशी जी बनारस की सिट से हट गए. बनारस में खूब पटाखे फोड़े गए और देश को ये सन्देश देने की कोशिश की गयी की यहाँ से उतर प्रदेश और बिहार दोनों में भाजपा की आंधी बहेगी और सम्पूर्ण देश में भाजपा की लहर. पर, आम आदमी पार्टी ने फैसला किया है की मोदी के खिलाफ अरविन्द केजरीवाल को चुनावी दंगल में उतारा जायेगा, जनता से पूछ कर. 23 मार्च जो अब 25 मार्च कर दिया गया है को आम आदमी पार्टी के नेता अरविन्द केजरीवाल जनता से पूछने की औपचारिकता पूरा कर लेंगे. हांलाकि उस दिन जनता के बीच में भाजपाई भी रहेंगे और कोशिश करेंगे की जनता के तरफ से ये सन्देश केजरीवाल को जाये कि बनारस सिर्फ मोदी के लिए है.
. नरेंद्र मोदी के प्रचार तंत्र के आगे अरविन्द केजरीवाल का प्रचारतंत्र बौना है. नरेंद्र मोदी के तुलना में अरविन्द केजरीवाल के सभा का खर्च भी कम हो रहा है. देश के चुनावी मानचित्र में बनारस या काशी पर सबकी निगाहें टिकी हुई है. लहर बहाने वाले नरेंद्र मोदी को भी कही न कही भय घेर लिया है, तभी तो एक दूसरी सिट बड़ोदरा से भी चुनाव लड़ने की तैयारी हो रही है. लहर और आंधी बहाने वाले नेता का स्वयं के लिए ये डर पार्टी और नेता को हास्यास्पद बना देती है, और जनता को ये सोचने पर मजबूर करती है कि काशी का सरताज के हक़दार अरविन्द केजरीवाल ही है. अरविन्द केजरीवाल का मोदी के खिलाफ ताल ठोकना, आम आदमी पार्टी की रणनीति है. इसमें विपक्ष की एकता जैसी कोई बात नहीं है. व्यवहार में तो अब तक यहीं देखने को मिलता है कि किसी भी दल के नेता के खिलाफ कोई भी दल मजबूत उम्मीदवार नहीं देता है. अघोषित रूप में सारे दल, दल के मठाधीशों का परस्पर सहयोग करते हैं. इस बार भी आम आदमी पार्टी को छोड़ कर मोदी जी को जिताने के लिए पक्ष और विपक्ष एक हो जाएँ तो आश्चर्य की बात नहीं होगी.
. आम आदमी पार्टी को ये विश्वास हैं कि आम मतदाता दिल्ली के विधान सभा चुनाव की तरह भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाएगी और अरविन्द केजरीवाल को भ्रष्टाचार से लड़ने का आशीर्वाद देगी. आम आदमी पार्टी के पास खोने के लिए कुछ भी नहीं है. नरेंद्र मोदी की तरह प्रधान मंत्री बनने की अदम्य लालसा भी नहीं है, जो नहीं बनने पर जीवन भर कचोटेगी. भाजपा ने अपने नेता नरेंद्र मोदी को प्रधान मंत्री बनाने के लिए जिस तरह से टिकटों को लुटाया, छोटे-छोटे पार्टियों को मिलाया, किसी भी तरह के नैतिकता वाले नेताओं से साथ-गाठ किया. कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की, यह भारतीय राजनीति में विचित्र और अद्भुत है. भाजपा बनारस सिट को किसी भी तरह हासिल करने का प्रयास करेगी. बनारस का चुनाव हारना भाजपा के प्रतिष्ठा को हार जाना है.



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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

ANAND PRAVIN के द्वारा
March 25, 2014

http://anandpravin.jagranjunction.com/2014/03/24/%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%89%E0%A4%97%E0%A4%B0-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9A-2/ आपभी शामिल हों इस महामेला में………..सादर आपत्ति होने पर कृपया कमेन्ट डिलीट कर दें……

Madan Mohan saxena के द्वारा
March 21, 2014

सुन्दर , कभी इधर भी पधारें आभार मदन

masoom के द्वारा
March 21, 2014

कशी के वासी इस बार अहम् फैसला के मुड़ में हैं. घमंडी लोग फेका जायेंगे.


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