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जबरदस्त प्रहार की जरुरत

Posted On: 23 Feb, 2015 social issues में

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. पेट्रोलियम मंत्रालय के दस्तावेज चुराते हुए लोगों को पकड़ाना महज एक संजोग है. सरकार में बैठे लोग इस तरह के कामों को अंजाम देते ही रहते है, यह एक कटु सच है. पेट्रोलियम मंत्रालय या अन्य मंत्रालय में बैठे कुछ लोगों के गद्दारी से ही देश की सरकारी संस्थाएं धवस्त हो रही है. पेट्रोलियम, संचार, ऊर्जा, तथा और कई तरह के कामों में निजी कंपनियों को लाभ पहुँचाने के लिए उलुल-जलूल कामों को अंजाम देने की सरकारी कोशिस समय समय पर दिखती रहती है. रिलायंस के लाभ के लिए पिछली कांग्रेस की सरकार ने भी काम किया था. रिलायंस के पेट्रोल पंप खुलने के बाद बंद हो गए थे, क्योंकि सरकारी सॅब्सिडी का लाभ उन्हें नहीं मिलता था. सरकार ने उनके व्यवसाय में व्यवधान पैदा करने वाले सारे नियमों को ध्वस्त किया. इससे सरकारी कंपनियों को चाहे जितना भी घटा हुआ. कांग्रेस के बाद बर्तमान सरकार भी जो कमी रिलायंस के लाभ में रह गयी थी उसको पूरा किया. डीजल और पेट्रोल से सब्सिडी हटाने के पीछे का राज निजी कंपनियों को लाभ पहुँचाना ही है, इसके लिए चाहे तर्क जो भी दिया जाये.
. इतिहासों में देखें तो स्पष्ट दीखता हैं कि किस तरह से सरकारी कंपनियों के कुछ रहनुमा निजी कंपनियों से मिलकर उनके लाभ के लिए देश के साथ गद्दारी करते हैं. संचार के क्षेत्र में भारत संचार को निगम बनाकर तहस-नहस करने का सरकारी षड़यंत्र का परिणाम सामने दिख रहा है. निजी कंपनिया जिनका कही कुछ भी नहीं था, आज सर उठाये हुए हैं, उनका नेटवर्क चारो तरफ फैला हुआ है, और भारत संचार निगम बदहाल दीखता है. जो लोग कभी भारत संचार के एक सिम के लिए दो-दो हजार ब्लैक देने के लिए तैयार थे, आज अपना सिम दूसरे कंपनी में बदलवा रहे हैं. भारत संचार निगम सरकारी तंत्र के षड़यंत्र का शिकार हुआ है और दिनों-दिन अपने मृत्यु के करीब पहुंच रहा है. यह देश का दुर्भाग्य है कि देश कि भलाई के लिए जिसको भी अच्छा समझ कर जनता दायित्व निर्वहन के लिए सत्ता की कुर्सी सौपती है, वे अपने भाई भतीजो को नियोजित करने लगते हैं, और अपना झोली भरने लगते है.
. मंत्रालयों या कार्यालयों से फाइलें प्राप्त करना अपने देश में कोई बड़ी बात नहीं है. इस तरह का कार्य संसद से ले कर प्रखंड तक प्रति दिन होते है. आम जनता को भी इस पर किसी तरह की हैरानी नहीं होती है, पर पेट्रोलियम मंत्रालय के बहाने ही सही यह बात सामने आ गयी है कि यह गलत है. इस तरह के गलत कामों से कही न कही जनता ही प्रभावित होती है. अब जरुरत इस मुद्दे पर भी जागरूकता फैलाने की है. जागो जनता का नारा भी सरकारी स्तर से जन-जन तक फैलाने की जरुरत है. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी से भारत की जनता को बेहतर भारत की अपेक्षा है. उन्हें जनता के अपेक्षाओं पर खरा उतारना होगा. जनता को ठगने वाले ताकतों को ध्वस्त करने के लिए जबरदस्त प्रहार की जरुरत है.

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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Shobha के द्वारा
February 25, 2015

श्री दूबे जी बहुत तकलीफ होती हैं देश से भी महत्वपूर्ण धन हो गया जो कभी किसी के साथ नहीं गया डॉ शोभा

jlsingh के द्वारा
February 24, 2015

अब जरुरत इस मुद्दे पर भी जागरूकता फैलाने की है. जागो जनता का नारा भी सरकारी स्तर से जन-जन तक फैलाने की जरुरत है. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी से भारत की जनता को बेहतर भारत की अपेक्षा है. उन्हें जनता के अपेक्षाओं पर खरा उतारना होगा. जनता को ठगने वाले ताकतों को ध्वस्त करने के लिए जबरदस्त प्रहार की जरुरत है.- आपने सही लिखा है, आदरणीय राजेश दुबे जी! लेकिन जब दाल ही पूरी काली हो तब कहाँ तक सफाई सम्भव है, कहना मुश्किल है…सादर


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